बिहार में बेकाबू कोरोनाः पटना हाईकोर्ट ने नीतीश कुमार से मांगा जवाब

0
663
File Photo

पटनाः बिहार में इन दिनों कोरोना वायरस का बम फूट रहा है। हर दिन तीन से चार हजार कोरोना संक्रमण के केस सामने आ रहे है। राज्य में हालत बद से बदतर हो गई है। अब कोरोना के बढ़ते कहर को देखते हुए पटना हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जवाब मांगा है। इस मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कोर्ट द्वारा उठाये गए प्रश्नों का विस्तृत ब्यौरा अगली सुनवाई में पेश करने को कहा गया है। दिनेश कुमार सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने राज्य की नीतीश सरकार को जवाब देने के लिये 20 अगस्त तक की मोहलत दी है।

हाईकोर्ट ने कोरोना वायरस संकट से निबटने, कोरोना मरीजों की जांच और इलाज की व्यवस्था का पूरा ब्यौरा मांगा था। इसके साथ ही हाइकोर्ट ने जिला स्तरीय कोरोना अस्पतालों की जानकारी, वहां कार्यरत डॉक्टरों, नर्स, मेडिकलकर्मियों का विस्तृत जानकारी देने का भी निर्देंश दिया था। पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट को बताया गया था कि राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही हैं, लेकिन जांच और इलाज की राज्य में पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। बिहार में लगातार कोरोना का कहर जारी है। आए दिन संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। इसके साथ राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से अस्पतालों के खिलाफ आरोप सामने आ रहे हैं।

13 अगस्त को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर और अन्य कोरोना इलाज की सुविधा का ब्यौरा देने का निर्देंश दिया है। याचिकाकर्ता की अधिवक्ता रितिका रानी ने हाईकोर्ट को बताया कि राज्य में 9 आरटीपीसीआर होने की बात राज्य सरकार ने बताई है जिससे कोरोना की सही जांच होती है लेकिन 12 करोड़ की जनसंख्या वाले राज्य में इससे जांच भला कैसे संभव हो पायेगी। इस मामले में अगली सुनवाई अब 20 अगस्त को होगी। बता दें कि बिहार में कोरोना के मरीजों की संख्या 90 ,321 तक पहुंच चुकी है।

विज्ञापन