बीएसएफ 21 अक्टूबर को पुलिस समृति दिवस के रुप में मना रहा है

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फाइल फोटो

कोलकाता: हर साल की तरह इस साल भी सीमा सुरक्षा बल सीमांत मुख्यालय दक्षिण बंगाल अपने शहीदों के सम्मान में पुलिस स्मृति दिवस का पालन कर रहा है। अक्टूबर महिने के 21 तारीख हर पुलिस के लिए एक विशेष दिन होता है। इस दिन सभी बल के सदस्य अपने शहिद साथियों की याद में उन्हें श्रद्धांजली देते है, जिन्होंने देश की सेवा के लिए अपनी जान न्योछावर कर दिया।

21 अक्टूबर 1959 में चीन सीमा पर तैनात 10 पुलिस कर्मियों की शहादत की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने चीनी सेना के साथ जवाबी हमले में युद्ध के दौरान शहादत प्राप्त की थी। इस साल भी सीमा सुरक्षा बल अपने शहीदों को श्रद्धांजली अर्पीत कर रहा है। उसी कड़ी में बीएसएफ अपने साथी शहीद मुख्य आरक्षक (हेड कांस्टेबल) तुसार कांती दास को विशेष रूप से याद कर रही है।

शहीद हेड कांस्टेबल तुषार कांति दास

गौरतलब है गत वर्ष 14 अक्टूबर को 64वीं बटालियन के अंग्रेल सीमा चौकी पर तुसार कांती दास रात को डयूटी पर तैनात थे। यह सीमा भारत-बांग्लादेश अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर आता है और इसी सीमा से हमेशा तस्करी की घटना को अंजाम दिया जाता है।

डयूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल तुसार कांती दास ने देखा कि अंधेरे का फायदा उठाकर टाटा इंडिका गाड़ी (डब्लुबी-26 सी 7078) तेज गति से बनगांव अंग्रेल रोड से गुजर रही है। गाड़ी पर संदेह होने पर हेड कांस्टेबल ने चालक को गाड़ी रोकने को कहा। पर गाड़ी चालक अपनी गाड़ी को रोकने की वजह और तेज गति से चलाकर हेड कांस्टेबल तुसार कांती को रौंदते हुए निकल गयी।

कांस्टेबल को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने उन्हे मृत घोषित कर दिया।