दुर्गापूजा को लेकर हाईकोर्ट की राय प्रभावी होगी या नहीं इसमें संदेह हैः अधीर रंजन चौधरी

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File Photo

कोलकाताः कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को पूजा पंडालों में ‘नो एंट्री’ जोन के बाहर ढाकियो को रखने और पंडालों में सीमित संख्या में आयोजकों के जाने की इजाजत दी। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने पूजा को लेकर कई निर्देश दिए हैं। दुर्गापूजा को लेकर हाईकोर्ट की राय राज्य सरकार द्वारा ठीक प्रकार प्रभावी कराई जाएगी या नहीं इसे लेकर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कई सवाल खड़े किए हैं।

अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट का निर्देश राज्य में प्रभावी होगा या नहीं इसमें संदेह है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनका पुलिस प्रशासन हाईकोर्ट के फैसले को लागू करने में कितना सफल होगा यह देखना होगा।

इसके अलावा अधीर रंजन चौधरी ने दुर्गा पूजा कमेटियों को 50 हजार रुपये का अनुदान दिए जाने को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य प्रशासन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि आम लोग इलाज का खर्च तक नहीं उठा पा रहे हैं। ऐसे में महामारी के इस दौर में जो पैसा आम लोगों के लिए खर्च किया जाना चाहिए वह पैसा पूजा में खर्च किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि पूजा पंडाल में दर्शनार्थियों की ‘नो एंट्री’ वाली पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए बुधवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने पहले के आदेश में थोड़ी ढील दी। पंडालों में एक साथ दर्शनार्थियों की ‘नो एंट्री’ ही रहेगी। हालांकि दुर्गापूजा फोरम की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कुछ राहत भी दी।

अब ‘नो एंट्री’ जोन के बाहर ‘ढाकियो’ यानी की ढाक या ढोल बजाने वालों को रखने और पंडालों में सीमित संख्या में आयोजकों के जाने की इजाजत मिल गई है। याचिका पर सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट ने बुधवार को प्रत्येक पंडाल में ‘नो एंट्री’ जोन के बाहर ‘ढाकियों’ को रखने की अनुमति दी है। कोर्ट ने छोटे पंडालों में 15 व्यक्तियों को जबकि 60 लोगों को बड़े पंडालों के लिए जाने की अनुमति दी है।

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