कटी अंगुलियों को प्लास्टिक में लेकर पहुंचा था अस्पताल, चिकित्सकों ने जोड़ा

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फाइल फोटो

कोलकाताः उत्तर 24 परगना जिले के बेलघरिया के नवादापाड़ा के एक कारखाने में काम करने के दौरान मशीन में आने से एक युवक की दो अंगुलियां कट गई थी। युवक का नाम अभिजीत बाग बताया जा गया है। वह बर्दमान का रहने वाला है। घटना बीते शनिवार की है।

घटना के बाद कटी अंगुलियों को युवक प्लास्टिक में लेकर पहले तो स्थानीय एक अस्पताल में पहुंचा किन्तु वहां से उसे आर.जी.कर. अस्पताल में रेफर कर दिया गया। जहां चिकित्सकों ने उसकी दोनों अंगुलियों को जोड़ दिया। ऑपरेशन के सात दिन बाद चिकित्सकों ने जाँच कर ऑपरेशन को सफल बताया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते शनिवार को युवक कारखाने में काम कर रहा था। शनिवार करीब 11 बजे अचानक उसका बांया हाथ मशीन में चला गया। इस दौरान उसकी दो अंगुलियां कट कर अलग हो गई थी। अंगुलियों के कटकर नीचे गिरने के कारण उसपर धूल मिट्टी जम गई थी। पूरे मशीन में खून ही खून फैल गया। घटना के तुरंत बाद उसके दोस्तों ने सबसे पहले तो उसे सागर दत्त मेडिकल काॅलेज व अस्पताल लेकर पहुंचे। किन्तु यहां से चिकित्सकों ने उसे कोलकाता के आर.जी.कर. अस्पताल में रेफर कर दिया।

कारखाने से निकलने के पहले अभिजीत कटी अंगुलियों को प्लास्टिक में लपेटकर अपने पाकेट में रख अस्पताल पहुंचा था। अंगुली जुड़ जायेगी यही आशा लिए वह सबसे पहले सागर दत्त पहुंचा था। किन्तु यहां से उसे आर.जी.कर. के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में रेफर कर दिया गाय। दोपहर करीब 2 बजे वह अस्पताल के ट्रामा केयर सेंटर में पहुंचा। चिकित्सकों ने कटी दोनों अंगुलियों की जांच की। जिसके बाद ऑपरेशन करने का फैसला लिया गया। आर.जी.कर. अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डाॅ. रूपनारायण भट्टाचार्य ने बताया कि दोनों अंगुलियां बुरी तरह कट गई थीं।

इसके बाद ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया। डाॅ. रूपनारायण भट्ठाचार्य और डां. गौरांग दत्त के तत्वाधान में ऑपरेशन शुरू हुआ। डाॅ. रूपनारायण ने बताया कि दोनों अंगुलियां हाथों से बुरी तरह कट कर अलग हुईं थी। कटी अंगुलियों को जिस प्रकार अस्पताल लाया जाता है वैसे नहीं लाया गया था। कटे अंगों को प्लास्टिक में मोड़ कर बर्फ के बाॅक्स में ऱख लाना चाहिए था। किन्तु अंगुलियों को प्लास्टिक में लपेटकर पाकेट में रख लाया गया था। कटी अंगुलियों पर मिट्टी जम गई थीं। जिसे साफ कर जोड़ा गया।

उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह ही महानगर के सुपर स्पेशियालिटी अस्पतालों में शुमार एसएसकेएम के चिकित्सकों ने एक मरीज के कटे दोनों हाथों को जोड़ उसे नया जीवन दिया। काम करने के दौरान उक्त व्यक्ति के दोनों हाथ का पंजा कट कर अलग हो गया था।

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