प्राचीन कला केन्द्र के सातवें एपिसोड में कल सुधाशील चटर्जी

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कोलकाताः कोविड के चलते संगीत को ऑनलाइन एवं सोशल मीडिया पर प्रचारित किया जा रहा है। इसी श्रृंखला में प्राचीन कला केन्द्र के तत्वाधान में साप्ताहिक वेब बैठक आयोजित की गई है। इस साप्ताहिक वेब बैठक के सातवें दिन संतूर वादक सुधाशील चटर्जी समां बांधने के लिए तैयार हैं।

कल यानी की शुक्रवार रात आठ बजे संतूर वादक सुधाशील चटर्जी समां बांधने वाले हैं। इस दौरान सुधाशील चटर्जी के साथ तबले पर सौमित्रजीत चटर्जी रहेंगे। रात के 8 बजे से प्राचीन कला केन्द्र के ऑफिशियल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव प्रदर्शन करेंगे।

प्राचीन कला केंद्र, चंडीगढ़ एक प्रमुख शैक्षणिक संगठन है जो 1956 में अपनी स्थापना के बाद से भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य और ललित कला (चित्रकला) के प्रचार, संरक्षण और प्रसार के लिए सेवा कर रहा है। साल 1956 में स्थापित किया गया और पंजीकरण के तहत पंजीकृत किया गया।

बता दें कि सुधाशील चटर्जी इस पीढ़ी के प्रमुख संतूर वादकों में से एक हैं। वे पं. शिवकुमार शर्मा और पं. तेजेंद्र नारायण मजुमदार के शिष्य हैं। उन्हें पं. समरेश चौधरी द्वारा मुखर संगीत का प्रशिक्षण भी मिला है। सुधाशील लगातार बंगाल राज्य संगीत अकादमी महोत्सव, चक्रधर समारोह, रायगढ़, सप्तक महोत्सव, अहमदाबाद, काला घोड़ा आर्ट उत्सव मुंबई जैसे भारत भर में प्रतिष्ठित समारोह में प्रदर्शन करते रहे हैं।

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