भारत के महत्वाकांक्षी पनडुब्बी प्रोजेक्ट से बाहर हुए जापान और स्पेन

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भारतीय नौसेना के महत्वाकांक्षी पनडुब्बी प्रोजेक्ट की रेस से जापान और स्पेन बाहर हो गए हैं। 70 हजार करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट के तहत भारत किसी विदेशी जहाज निर्माता कंपनी के साथ मिलकर 6 एडवांस पनडुब्बी का निर्माण करेगा।

सूत्रों की मानें तो इस प्रोजेक्ट के लिए नवल ग्रुप- डीसीएनएस (फ्रांस), थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम (जर्मनी), रोजोबोरोन एक्सपोर्ट रुबिन डिजाइन ब्यूरो (रूस) और साब कोकम (स्वीडन) जहाज निर्माता कंपनियों ने भारतीय नौसेना द्वारा जारी कि गई आरएफआई का जवाब दिया है।

भारत ने इस पनडुब्बी कार्यक्रम को प्रोजेक्ट-75 (इंडिया) नाम दिया है। जापान और स्पेन की जहाज निर्माता कंपनी इस प्रोजेक्ट के लिए समय रहते रिप्लाई नहीं कर पाए। इस प्रोजेक्ट के लिए जवाब देने का समय सोमवार तक ही था।

इस प्रोजेक्ट को दस साल पहले नवंबर 2007 में मंजूरी मिल गई थी, जिसके तहत भारतीय नौसेना को 6 नए डीजल इलेक्ट्रिक पनडुब्बी चाहिए। जो अत्याधुनिक हथियारों और सेंसर से लैस होगी। गौरतलब है कि रूस, जर्मनी और फ्रांस को भारत के साथ पनडुब्बी निर्माण का पहले से अनुभव है।

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