आर्थिक मदद पर मालदीव के राष्ट्रपति ने भारत का जताया आभार

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नई दिल्लीः वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के दौर में जारी लॉकडाउन के तहत अधिकांश देशों की अर्थव्यवस्था नीचे गिर गई है। लिहाजा भारत में भी लॉकडाउन का असर पड़ा लेकिन ऐसे दौर में भी भारत अपने पड़ोसी मित्र देश मालदीव की सहायता करने से पीछे नहीं हटा। भारत ने मालदीव को आर्थिक संकट से उबरने के लिए 25 करोड़ डॉलर यानी की 1840 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी है।

मालदीव की राजधानी माले स्थित भारतीय दूतावास ने यह सहायता राशि दी। मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने कोरोना के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद के लिए आग्रह किया था, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। भारतीय दूतावास ने कहा कि रविवार को मालदीव के विदेश मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में वित्तीय सहायता अनुदान सौंपा गया।

इस सहायता के लिए मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सालेह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। वहीं, पीएम मोदी ने मालदीव के राष्ट्रपति की भावनाओं की सराहना की है। मालदीव के राष्ट्रपति ने ट्वीट कर कहा, जब भी मालदीव को किसी मित्र की जरूरत पड़ी, भारत हमेशा इस अवसर पर पहुंचा। वित्तीय सहायता के रूप में 25 करोड़ डॉलर के आधिकारिक हैंडओवर के लिए पीएम नरेंद्र मोदी, भारत सरकार और भारत के लोगों को उनकी पड़ोसी भावना और उदारता के लिए मेरा ईमानदारी से धन्यवाद।

इसके जवाब में पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए मालदीव के राष्ट्रपति की भावनाओं की सराहना की। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘मैं आपकी भावनाओं की सराहना करता हूं, राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सालेह! करीबी दोस्त और पड़ोसी के रूप में, भारत और मालदीव कोविड-19 के स्वास्थ्य और आर्थिक प्रभाव के खिलाफ हमारी लड़ाई में एक-दूसरे का समर्थन करना जारी रखेंगे। भारत ने आर्थिक सहायता का यह फैसला मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहीम मुहम्मद सोलिह की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से टेलीफोन पर हुई वार्ता के बाद लिया।

यह आर्थिक सहायता ट्रेजरी बॉन्ड के जरिये दी गई है, जो मालदीव को दस साल की अवधि में लौटानी होगी। इस मौके पर मालदीव में भारतीय उच्चायुक्त संजय सुधीर, मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद, माले में एसबीआई के सीईओ भरत मिश्रा मौजूद थे। मालदीव के राजस्व का एक तिहाई हिस्सा पर्यटन से आता है।

इसलिए कोरोना के कारण वहां की अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा असर पड़ा है। भारत की तरफ से यह मदद अनुकूल शर्तों पर की गई है। भारत इससे पहले मालदीव को जरूरी दवाइयां भी मुहैया करा चुका है। पर्यटन पर आश्रित मालदीव कोरोना काल के दौर में पूरी तरह से बेहाल है। चीन ने मालदीव की इस दशा की परवाह न करते हुए अपने कर्ज की वापसी के लिए एक करोड़ डॉलर की किश्त देने के लिए हाल ही में नोटिस दिया है। अब मालदीव आसानी से चीन के कर्ज की किश्त चुका सकेगा।

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