पुरी में शुरू हुई भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा

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भुवनेश्वर: पूरी में शनिवार सुबह वार्षिक भ्रमण के लिए होने वाली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा धूमधाम से निकाली गई। लाखों की भीड़ में पूजा के बाद रथयात्रा शुरू हुई। भगवान जगन्नाथ जी का रथ पीले और लाल रंग के कपड़ों से बना है, जिसमें 16 पहिए लगे हैं जबकि बलभद्र जी का रथ हरे और लाल रंग का है, इसमें 14 पहिए लगे हैं। सुभद्रा जी का रथ काले और लाल रंग के कपड़ों का बना है. इसमें 12 पहिए लगे हैं। लकड़ी के बने इन रथों को भक्त रस्सियों से खींचते हैं.

जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और उनकी बहन सुभद्रा की पूजा की जाती है। मंदिर में भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा सबसे दाई तरफ स्थित है। बीच में उनकी बहन सुभद्रा की प्रतिमा है और दाई तरफ उनके बड़े भाई बलभद्र (बलराम) विराजते हैं।

पुराणों में जगन्नाथ धाम की काफी महिमा है, इसे धरती का बैकुंठ भी कहा गया है। यह हिन्दू धर्म के पवित्र चार धाम बद्रीनाथ, द्वारिका, रामेश्वरम और जगन्नाथ पुरी में से एक है। यहां भगवान जगन्नाथ बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विराजते हैं। यहां के बारे में मान्यता है कि श्रीकृष्ण, भगवान जगन्नाथ के रुप है और उन्हें जगन्नाथ (जगत के नाथ) यानी संसार का नाथ कहा जाता है।

जगन्नाथ मंदिर 4 लाख वर्गफुट में फैला है और इसकी ऊंचाई लगभग 214 फुट है। मंदिर की इतनी ऊंचाई के कारण ही पास खडे़ होकर भी आप गुंबद नहीं देख सकते। मंदिर के मुख्य गुंबद की छाया भी दिन के किसी भी वक्त दिखाई नहीं देती ।

ऐसा दावा किया जाता है कि मंदिर का रसोईघर दुनिया का सबसे बड़ा रसोईघर है। मान्यता है कि कितने भी श्रद्धालु मंदिर आ जाए, लेकिन अन्न कभी भी खत्म नहीं होता।

आज कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नौ दिवसीय जगन्नाथ यात्रा शुरू हो गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीटर कर लोगों को बधाई दी है।
प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा है कि ‘भगवान जगन्नाथ यात्रा के आशीर्वाद से हमारा देश तरक्की की नई ऊंचाई पर पहुंचे। सभी भारतीय सुखी और समृद्धि हो।’ इसके साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी ने प्रसिद्ध मंदिर के तीन देवताओं के वीडियो भी ट्वीटर पर शेयर किए हैं।