आज भी पानी के संकट से जूझ रहे हैं देश के 60 करोड़ लोग

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नई दिल्ली: देश में जल संकट को लेकर एक ऐसी बात सामने आई है, जिसे जानकर न सिर्फ हैरान होगी, बल्कि आप सतर्क भी हो जाएंगे. देश में जल संकट को लेकर नीती आयोग के जल प्रबंधन इंडेक्स की बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक देश में करीब 60 करोड़ लोग पानी की भयंकर कमी से जूझ रहे हैं। वहीं, तकरीबन 75 फ़ीसदी घरों में पीने का पानी मुहैया नहीं है।

84 फ़ीसदी ग्रामीण घरों में पाइप से पानी नहीं पहुंचता पाता है। देश में करीब 70 फीसदी पानी पीने लायक नहीं है। रिपोर्ट के मुताबकि देश के पानी के सबसे बड़े संकट से जूझ रहा है। जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने नीति आयोग का जल प्रबंधन इंडेक्स जारी किया है, जिसके बाद यह बात सामने आई है।

जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने नीति आयोग का जल प्रबंधन इंडेक्स जारी किया है, जिसके बाद यह बात सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक जल संकट से 2050 तक देश की जीडीपी में 6% का नुकसान होगा, तो वहीं 2030 तक देश की 40 फीसदी आबादी के पास पीने के पानी भी उपलब्ध नहीं होगा।

जल प्रबंधन इंडेक्स के मुताबिक दुनिया के 122 देशों में भारत 120वें स्थान पर है। रिपोर्ट में कहा गया कि 21 शहर जिसमें नई दिल्ली, बंगलुरू, चेन्नई, हैदराबाद शामिल है यहां पर 2020 तक ग्राउंड वाटर यहां घट जायेगा जिससे 10 करोड़ लोगों का जीवन प्रभावित होगा। इसके अलावा 2030 तक देश में पानी की मांग दोगुनी हो जाएगी। आपको बता दें कि देश में हर साल 2 लाख लोगों की मौत स्वच्छ पानी न उपलब्ध होने से हो जाती है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश अभी इतिहास के सबसे बड़े जन संकट से जूझ रहा है। साथ ही 60 करोड़ आबादी पानी की कमी से जूझ रही है। हालांकि, इस रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि देश में पानी का सबसे बेहतर प्रबंधन गुजरात में है।

नीति आयोग की बैठक के बाद केन्‍द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मैं दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री और पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के साथ विशेष बैठक बुलाने का फैसला किया है जिसमें दिल्‍ली को अगले दो साल में वायु और जल प्रदूषण फ्री करने के लिए एक प्‍लान तैयार किया जाएगा।