नगरोटा एनकाउंटरः मारे गये आतंकवादियों को दी गई थी कमांडो ट्रेनिंग

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श्रीनगरः जम्मू के नगरोटा में भारतीय सैनिकों की उपस्थिति की वजह से बड़े आंतकी हमले को टाल दिया गया। गुरुवार को हुए एनकाउंटर में मारे गए जैश-ए-मोहम्मद के चारों पाकिस्तानी आतंकवादियों के बारे में नया खुलासा हुआ है। इस मामले की विस्तृत जांच से इस बात का खुलासा हुआ है कि इसमें 2016 के पठानकोट हवाई हमले के मुख्य आरोपी जैश-ए-मोहम्मद के ऑपरेशनल कमांडर कासिम जान भी शामिल था।

कासिम भारत में जैश आतंकवादियों के मुख्य लॉन्च कमांडरों में से एक है और पूरे दक्षिण कश्मीर में अपने अंडरग्राउंड लड़ाकों के साथ उसके संबंध हैं। वह संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकी मुफ्ती रऊफ असगर को सीधे रिपोर्ट करता है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को खबर लगी है कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना को हटाने और तालिबान के पुनरुत्थान के बाद से जैश-ए-मोहम्मद (जेएम) के आतंकी तेजी से जम्मू-कश्मीर में एक्टिव हो रहे हैं।

14 विशेष रूप से प्रशिक्षित आतंकवादियों को गुजरांवाला के रास्ते भारत में दाखिल करने की कोशिश की जा रही है। सुरक्षा एजेंसी से जुड़े अधिकारियों ने जानकारी दी है कि आतंकवादी करीब ढाई घंटे पैदल चलकर भारत की सीमा तक पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि आतंकियों का संभवित मार्ग सांबा सेक्टर में मावा गांव था, जो रामगढ़ और हीरानगर सेक्टर के बीच है।

यहां से वह नानाथ नाले के पास कच्चे ट्रैक के जरिए बॉर्डर तक पहुंचे थे। इसके बाद रात करीब 3 बजे आतंकवादी एक ट्रक जिसका नंबर JK01AL 1055 था उस पर सवार हो गए थे। इन चारों आतंकवादियों को जम्मू की ओर सरोर टोल प्लाजा को पार करते हुए देखा गया था। इसके बाद ट्रक नरवाल बाइपास होते हुए कश्मीर की तरफ बढ़ा। सुबह करीब 4:45 बजे भारतीय सुरक्षा बलों ने ट्रक को बन टोल प्लाजा के पास रोक लिया और चारों आतंकवादियों को मार गिराया।

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