मेडिकल काॅलेजः दो महीने तक मुर्दाघर में पड़ा रहा कोरोना मृतक का शव

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file photo

कोलकाताः महानगर के कलकत्ता मेडिकल काॅलेज व अस्पताल के मुर्दाघर में दो महीने तक एक कोरोना मृतक का शव पड़ा रहा। वहीं मृतक का परिवार बार-बार अस्पताल और श्मशान घाट का चक्कर लगाता रहा। किन्तु कुछ लाभ नहीं हुआ। मौत के दो महीने बाद अंत में बीते कल यानी की मंगलवार को परिजनों को मृतक के शव का पता चला।

बीते कल कलकत्ता मेडिकल काॅलेज व अस्पताल के मुर्दाघर से उसका शव बरामद किया गया। ऐसे में मृतक के परिजनों ने अस्पताल पर जमकर गुस्सा निकाला। प्राप्त जानकारी के अनुसार 2 महीने पहले एयरपोर्ट 2 नम्बर निवासी एक मरीज को मेडिकल काॅलेज में भर्ती कराया गया था। कोरोना के लक्षणों को देखते हुए उसकी जांच कराई गई थी। रिपोर्ट पाॅजिटिव आई थी।

इसके बाद मरीज के पूरे परिवार को क्वारंटीन किया गया था। इसी दौरान 17 जुलाई को मरीज की अस्पताल में ही मौत हो गई थी। आरोप है कि मरीज के परिजन जब क्वारंटीन से लौटे तो उन्होंने अस्पताल में भर्ती अपने मरीज की तलाश शुरू की। किन्तु उन्हें कुछ भी पता नहीं चल सका। वे कई बार मेडिकल काॅलेज गए। अस्पताल की तरफ से बताया गया कि श्मशान घाट जाकर पता करें। वहां जाने पर पता चला की उक्त नाम के किसी भी शव का अंतिम संस्कार वहां नहीं किया गया।

कुछ पता नहीं चलने पर मृतक के परिवार ने बहुबाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई। थाने की ओर से उन्हें फिर मेडिकल काॅलेज भेजा गया। यहां वे वार्ड मास्टर, रेकाॅर्ड रूम से लेकर हर किसी से पता करने की कोशिश की किन्तु कुछ नहीं हुआ।

अंत में अस्पताल के सुपर के पास उन्होंने लिखित शिकायत की। इसके बाद शव की तलाश शुरू की गई। इसके बाद पता चला कि उक्त मरीज का शव अस्पताल के मुर्दाघर में है। शव अस्पताल में रहने के बावजूद मरीज के परिजनों को इस प्रकार समस्याओं का सामना करना पड़ा।

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