प्रतिबंध के बाद भी खुलेआम हो रही है पान मसालों की बिक्री

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कोलकाताः स्वास्थ्य और परिवार क्लायाण विभाग की अोर से गुटखा व पान मसालों के प्रतिबंध के लिए जारी अधिसूचना का दुकानदारों पर कोई असर पड़ता नजर नहीं अा रहा है। प्रतिबंध के बावजूद दुकानों पर कहीं चोरी छिपे तो कहीं खुलेअाम गुटखा अौर पान मसालों की बिक्री हो रही है।

सवाल यह उठता है कि सरकार द्वारा रोक लगाये जाने के बाद भी क्यों एेसा हो रहा है। श्याम बाजार के एक गुटखा व पान मसाला विक्रेता ने कहा कि मुझे अखबार द्वारा पता चला है कि 7 नवम्बर से पूरे 1 साल के लिए राज्य में गुटखा अौर पान मसालों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।

हमारो पास जो कुछ स्टॉक में माल बचा है उसे किसी तरह बेच कर पान मसालों की बिक्री पूरी तरह बंद कर देंगे। उसने कहा कि बेहतर होगा कि सप्लाई ही बंद हो जाये तो बिक्री भी बंद हो जायेगी। गुटखा सेवन करने वाले सौरभ चौरसिया का कहना है सरकार को यह काम पहले करना चाहिए। यदि यह काम पहले हुअा होता तो अाज मुझे गुटखा की लत नहीं लगती।

हालाँकि पान गुटखों पर प्रतिबंध लगता है तो अाने वाले समय में लोगों को इसकी लत नहीं लगेगी। बिक्री नहीं होगी तो तो धीरे-धीरे लोग खुद खाना बंद कर देंगे। बता दें की 7 नवम्बर से 1 साल के लिए तंबाकू व निकोटिन वाले गुटखा और पान मसाले के निर्माण, भंडारण, वितरण या बिक्री पर रोक रहेगी। गौरतलब है कि स्वास्थ्य के खतरे को देखते हुए इस वर्ष गांधी जयंती पर राजस्थान में तंबाकू, निकोटीन, मैग्नीशियम कार्बोनेट और खनिज तेल वाले पान मसाले पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

इसी तरह नेशनल टोबैको टेस्टिंग लेबोरेटरी की रिपोर्ट के बाद बिहार ने पान मसाला के 15 ब्रांडों के निर्माण, भंडारण, ढुलाई और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसी तरह से उत्तराखंड सरकार ने भी पिछले महीने तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाले पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके बाद अब बंगाल ने गुटखा अौर पान मसालों पर प्रकिबंध लगाने का फैसला लिया।

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