जानें कब है इस नवरात्रि घट स्थापना का शुभ मुहूर्त

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कोलकाता डेस्कः शारदीय नवरात्रि बस आज से दो दिन बाद शुरू होने वाली है। 17 अक्टूबर से शुरू होने वाला ये पर्व आगामी नौ दिनों तक चलेगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवरात्र पर्व शुरू होता है जो नवमी तिथि तक चलता है।

नवरात्रि में मां देवी दुर्गा के नौ रूपों की आराधना होती है और भक्त नौ दिनों तक माता रानी का व्रत करते हैं। इस पर्व में घटस्थापना का विशेष महत्व होता है जिसका अर्थ है कलश स्थापना। नवरात्रि के पहले दिन ही कलश स्थापना की जाती है और अगर ये कार्य तय शुभ मुहूर्त में हो तो अधिक उत्तम रहता है।

इस बार नवरात्रि पर्व का शुभारंभ 17 अक्टूबर से हो रहा है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और फिर घटस्थापना की तैयारी करे। शुभ मुहूर्त है – सुबह 6:10 मिनट से 10:11 मिनट तक है। वहीं अगर आप अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना करना चाहते हैं तो शनिवार को सुबह 11:43 मिनट से लेकर 12:28 मिनट तक ये शुभ मुहूर्त रहेगा। इस मुहूर्त में कलश स्थापना का विशेष महत्व माना गया है।

कलश स्थापना की विधि की बात करें तो सबसे पहले एक पात्र लें। उस पात्र में मिट्टी बिछाएं। फिर पात्र में रखी मिट्टी पर जौ के बीज डालकर उसके ऊपर मिट्टी डालें। अब इसमें थोड़े-से पानी का छिड़काव करें। अब एक कलश लें। इस पर स्वस्तिक बनाएं। फिर मौली या कलावा बांधें। इसके बाद कलश को गंगाजल और शुद्ध जल से भरें।

इसमें साबुत सुपारी, फूल और दूर्वा डालें। साथ ही इत्र, पंचरत्न और सिक्का भी डालें। इसके मुंह के चारों ओर आम के पत्ते लगाएं। कलश के ढक्कन पर चावल डालें। देवी का ध्यान करते हुए कलश का ढक्कन लगाएं। अब एक नारियल लेकर उस पर कलावा बांधें। कुमकुम से नारियल पर तिलक लगाकर नारियल को कलश के ऊपर रखें। नारियल को पूर्व दिशा में रखें। कलश पर स्वास्तिक का चिह्न जरूर बनाएं।

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