हरिद्वारः गंगा स्नान के लिये श्रद्धालुओं को दिखानी होगी कोरोना निगेटिव रिपोर्ट

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File Photo

देहरादूनः हर साल मकर संक्रांति के मौके पर हरिद्वार में गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है। लेकिन बीते कई महीनों से देश में कोरोना महामारी जारी है। ऐसे में संक्रमण के खतरे को देखते हुए गंगा स्नान के लिये गाइडलांइस तैयार की गई है।

इस गाइडलाइंस का हरिद्वार में गंगा स्नान करने वाले सभी श्रद्धालुओं को फॉलो करना होगा। राज्य के बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को पांच दिन की भीतर की कोविड आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट साथ लाना अनिवार्य होगा। खास कर बुजुर्ग और बीमार लोगों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि, रिपोर्ट नहीं लाने वाले लोगों को भी हरिद्वार में प्रवेश करने दिया जाएगा। लेकिन, बॉर्डर पर थर्मल स्क्रीनिंग जरूरी होगी।

होटल, धर्मशाला, आश्रम गेस्ट हॉउस प्रबंधन को श्रद्धालुओं की थर्मल स्कैनिंग करना अनिवार्य होगा। श्रद्धालुओें के लिए दो गज की दूरी और मास्क पहनना भी अनिवार्य होगा। वहीं कोविड गाइडलाइन के उल्लंघन पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। बताया कि पूर्व की तरह स्नान पर्व के दिन भी बार्डर पर रैंडम सैंपलिंग की जायेगी।

बताया कि श्रद्धालुओं से कोविड की आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपार्ट लाने की अपेक्षा की गई है, जिसकी अवधि पांच दिन निर्धारित होगी। डीएम ने बताया कि किसी भी श्रद्धालु को रोका नहीं जाएगा, लेकिन अगर कोविड रिपोर्ट न लाने का मामला संज्ञान में आता है तो कार्रवाई की जायेगी।

बुधवार यानि की आज से ही भारी वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी जायेगी। आवश्यक सेवाएं जैसे- दूध, तेल, गैस आदि के ट्रक-टैंकर पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। आईजी मेला संजय गुंज्याल ने बताया कि दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर से आने वाले वाहनों को मंगलौर बस अड्डे से डायवर्ट कर लंढौरा लक्सर से जगजीतपुर तिरछी पुलिया डायवर्जन से दक्षद्वीप होते हुए बैरागी पार्किंग में पार्क कराया जायेगा।

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