इतनी शक्ति हमें देना दाता, जैसे मशहूर गीत देने वाले अभिलाष का निधन

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अभिलाष का फाइल फोटो

मुंबईः अभी तीन दिन पहले ही जाने माने पार्श्व गायक एसपी बालासुब्रमण्यम की मौत हुई थी। इसी बीच बॉलीवुड जगत से एक और बुरी खबर सामने आ गई। जाने-माने दिग्गज गीतकार अभिलाष का रविवार की देर रात निधन हो गया। 74 वर्षीय अभिलाष लीवर कैंसर से पीड़ित थे। वो पिछले 10 महिनों से बिस्तर पर थे।

उनका एक ऑपरेशन भी हुआ था। उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। बीते दिनों अभिलाष की पत्नी ने आर्थिक मदद की गुजारिश की थी। रविवार की देर रात उन्होंने मुंबई की एक हॉस्पिटल में अपनी जिंदगी की आखरी सांस ली और दुनिया को हमेशा के अलविदा कह दिया। आज सुबह 4 बजे उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।

अभिलाष की पत्नी नीरा ने जानकारी दी कि कोरोना और लॉकडाउन की पाबंदियों के चलते महज 15 से 20 लोग ही उनके अंतिम संस्कार में शामिल हो पाये और ऐसे में बंगलुरू में रहनेवाले उनकी बेटी और दामाद भी अंत्येष्टि में शामिल नहीं हो सके। अभिलाष के मुख्य गीतों में इतनी शक्ति हमें देना दाता, संसार है एक नदिया और आज की रात न जा सहित अन्य शामिल हैं।

बता दें अभिलाष के करियर में साल 1985 में रिलीज हुई फिल्म अंकुश का गाना इतनी शक्ति हमें देना दाता एक बड़ा हिट साबित हुआ। कहा जाता है कि इस गाने को लिखने में उन्हें दो महीने का वक्त लगा था। इसके अलावा उन्हें अपनी लिखी फिल्म रफ्तार का गीत संसार है एक नदिया भी बहुत पसंद था। अभिलाष का मानना था कि इस गाने को लिखने के बाद उन्हें आत्मिक संतुष्टि मिली थी।

फिल्मों में गाने लिखने के अलावा अभिलाष रेडियो के लिए भी लिखते थे। पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह द्वारा कलाश्री अवार्ड से सम्मानित हो चुके अभिलाष लोकप्रिय गाने इतनी शक्ति हमें देना दाता आज भी उतना ही लोकप्रिय है जितना फिल्म की रिलीज के वक्त था। इस गाने को आज भी देशभर के कई स्कूलों और जेलों में प्रार्थना गीत के रूप में गाया जाता है। उल्लेखनीय है कि इस गाने का दुनिया की 8 भाषाओं में अनुवाद भी हो चुका है।

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