टैक्टर रैली हिंसा मामले में 37 किसान नेताओं पर एफआईआर दर्ज

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फाइल फोटो

नई दिल्लीः राष्ट्रीय राजधानी में बीते कल गणतंत्र दिवस के मौके पर टैक्टर रैली हिंसा को लेकर पुलिस अब सख्ते में आ गई है। दिल्ली पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने कल शहर में किसान ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के सिलसिले में 200 लोगों को हिरासत में लिया।

वहीं उपद्रव मचाने के मामले में पुलिस ने 37 किसान नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। किसान धरने में शामिल लगभग सभी नेताओं के नाम इसमें शामिल हैं। समयपुरी बादली की एफआईआर नंबर 39 में नर्मदा बचाओ आंदोलन की मेधा पाटकर और स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव का नाम शामिल है। राकेश टिकैत के खिलाफ हत्या का प्रयास, दंगा, पुलिस पर हमला, सरकारी औऱ निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित अन्य धाराएं लगाई गई है।

जमुरी किसान सभा पंजाब के कुलवंत सिंह संधू, भारतीय किसान सभा डाकोड़ा के बूटा सिंह, कवंलप्रीत सिंह पन्नू, किसान मजदूर संघर्ष समिति के सतनाम सिंह पन्नू, सुरजीत सिंह फूल, जोगिंदर सिंह हरमीत सिंह कादियान, बलवीर सिंह राजेवाल, सतनाम सिंह साहनी, डॉ दर्शन पाल, भोग सिंह मनसा, बलविंदर सिंह ओलक, सतनाम सिंह भेरु का नाम शामिल है।

इसके अलावा बूटा सिंह शादीपुर, बलदेव सिंह सिरसा, जगबीर सिंह टाडा, मुकेश चंद्र, सुखपाल सिंह डाफर, हरपाल सांगा, कृपाल सिंह नाटूवाला, राकेश टिकैत, कविता, ऋषि पाल अंबावता, वीएम सिंह और प्रेम सिंह गहलोत का नाम शामिल है। बता दें उन 40 किसान नेताओं के नाम भी एफआईआर में शामिल हैं जो सरकार के साथ वार्ता के लिए विज्ञान भवन जाते थे।

दिल्ली पुलिस की इस एफआईआर में इन सभी किसान नेताओं पर ट्रैक्टर परेड के लिए तय किए गए नियम औऱ शर्तों के उल्लंघन का आरोप है। साथ ही आपराधिक षड्यंत्र, डकैती, डकैती के दौरान घातक हथियार का प्रयोग और हत्या का प्रयास जैसी गंभीर धाराओं समेत कुल 13 धाराएं लगाई गई हैं। नांगलोई पुलिस ने एफआईआर में डकैती की धारा इसलिए जोड़ी है क्योंकि कुछ उपद्रवी नांगलोई में पुलिस से आंसू गैस के करीब 150 गोले भी छीन ले गए थे।

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