अभिषेक बनर्जी पर दिलीप घोष ने कसा तंज, कहा-गोद में चढ़कर राजनीति नहीं की जाती

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कोलकाताः बीते कल स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन पर भाजपा और तृणमूल दोनों की तरफ से अलग-अलग इलाकों में जुलुस निकाला गया। श्यामबाजार से स्वामी विवेकानंद के पैतृक निवास तक भाजपा ने जुलुस निकाला। वहीं गोलपार्क से हाजरा तक अभिषेक बनर्जी ने जुलुस निकाला। यहां से अभिषेक ने भाजपा पर कई वार किए। ऐसे में बुधवार को अभिषेक बनर्जी के वार पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने पलटवार किया।

दिलीप घोष ने अभिषेक बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि गोद में चढ़कर राजनीति नहीं की जाती है। दिलीप घोष ने कहा कि अभिषेक के पास अनुभन की काफी कमी है, इसलिए वह जो कहते हैं उसके उल्टा ही होता है। गोद में चढ़कर राजनीति नहीं की जाती है। दिलीप घोष के इस बयान के बाद एक बार फिर से तृणमूल खेमा गरमा गया है।

दिलीप घोष के इस बयान के बाद तृणमूल कांग्रेस की तरफ से सांसद सौगत राय ने पलटवार किया। सौगत राय ने कहा कि अभिषेक बनर्जी के पास दिलीप घोष से अधिक राजनीतिक अनुभव है। अभिषेक पर बार-बार हमला कर ममता को निशाना बनाया जा रहा है।

गौरतलब हो कि मंगलवार को विवेकानंद के जन्मदिन पर अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर तीखा हमला किया था। गोलपार्क से हाजरा तक अभिषेक ने एक जुलुस का नेतृत्व किया। जुलुस समाप्त होने के बाद उन्होंने भाजपा पर जमकर निशाना साधा।

अभिषेक ने कहा था कि भाजपा को विवेकानंद और नेताजी को याद करने का कोई अधिकार नहीं है। क्योंकि ये सभी महापुरुष जातिवाद के खिलाफ थें। वहीं भाजपा जातिगत राजनीति करती है। उन्होंने दावा किया की भाजपा के जुलुस से दस गुना बाड़ा तृणमूल का जुलुस था।

भाजपा पर निशाना साधते हुए बीते कल अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जो लोग विवेकानंद के नाम का ठीक प्रकार उच्चारण नहीं कर सकते, वे विद्यासागर की मूर्ति को सही ढंग से तोड़ सकते हैं। क्या आप उन्हें माफ करेंगे? इस भाजपा के मुंह में राम और कर्म नाथूराम। इन्हें स्वामी विवेकानंद की तस्वीर लेकर जुलुस निकालने का कोई अधिकार नहीं है। अभिषेक ने कहा कि धर्म के आधार पर बंगाल को बटने नहीं देंगे।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने 2014 में स्वामीजी की तस्वीर लेकर प्रचार किया उन्होंने चुनाव जीतने के बाद बेलूर मठ को गरिमा नहीं दी। ममता बनर्जी यह लड़ाई जीतेंगी, लेकिन वह दिल्ली में आत्मसमर्पण नहीं करेंगी। अभिषेक बनर्जी ने सीधे तौर पर भाजपा पर बंगाल के लोगों का अपमान करने का आरोप लगाया है।

भाजपा पर निशाना साधते हुए अभिषेक ने कहा कि वे बंगाल के महापुरुषों को सामने रख कर राजनीति कर रहे हैं। भाजपा वोट हासिल करने के लिए यह सब कर रही है। 3,500 करोड़ रुपये की लागत से गुजरात में वल्लभभाई पटेल की मूर्ति क्यों बनाई गई। मोदी ने वहां स्वामी विवेकानंद की मूर्ति क्यों नहीं बनवाई।

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