रक्षा मंत्रालय का बड़ा खुलासाः चीन ने गलवान में गैर पारंपरिक हथियारों का किया इस्तेमाल

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File Photo

नई दिल्लीः लद्दाख की सीमा लेह पर बीते कई महीनों से भारत और चीन के बीच तनाव जारी है। इसी बीच भारतीय रक्षा मंत्रालय ने पहली बार अपनी वार्षिक रिपोर्ट में एक बड़ा खुलासा किया है, रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे चीन ने गैर पारंपरिक हथियारों का इस्तेमाल किया था, फिर भी भारतीय सेना के जवानों ने इस हमले का माकूल जवाब दिया और चीनी सैनिकों को सबक सिखाया।

गलवान हिंसा पर कहा गया है कि गलवान घाटी में भारत की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करना इस वर्ष हमारी फोर्सेज की वीरता का सबसे उज्जवल उदाहरण है जिसमें 20 बहादुर सैनिकों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। पेट्रोलिंग पॉइंट 14 के पास हिंसक हाथापाई में अघोषित संख्या में चीनी सैनिकों की भी जानें गईं। रिव्यू में कहा गया है, चीनियों का भी बहुत नुकसान हुआ।

भारतीय सेना ने दोनों देशों के बीच के सभी नियमों औऱ संधियों का पालन किया जबकि पीएलए ने पारंपरिक हथियारों का उपयेाग नहीं करने के साथ ही भारी संख्या में सैनिकों का जमावड़ा लगाकर स्थिति को बिगाड़ा। भारत और चीन आठ महीने से पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद में उलझे हैं और उससे उनके रिश्ते बहुत तनावपूर्ण हो गए हैं।

दोनों पक्षों ने इस विवाद के समाधान के लिए कई दौर की कूटनीतिक और सैन्य वार्ता की लेकिन अब तक बात नहीं बन पायी है। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने जून महीने की अपनी मासिक रिपोर्ट में भी कहा था कि चीन ने एलएसी पर एकतरफा आक्रमकता दिखाई।

हालांकि, बाद में इस रिपोर्ट के साथ-साथ एलएएसी पर छिड़े संघर्ष से जुड़ी अन्य रिपोर्टों को भी बाद में मंत्रालय की वेबसाइट से हटा लिया गया था। रक्षा मंत्रालय ने रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर दुश्मनों का मजबूती से मुकाबला किया और उसने लगातार आतंकवाद विरोधी अभियान चलाये।

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