भारतीय सेना ने अंडमान से भारी सैन्य अभ्यास का समापन किया

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नई दिल्ली: चीन को चुनौती देने के लिए भारतीय नौसेना ने अंडमान निकोबार में द्वीप समूह में शुक्रवार को एक बड़ा सैन्य अभ्यास किया है। जरूरी बल संख्या और आधारभूत ढांचे के साथ यह इलाका हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की रणनीतिक चालों के खिलाफ भारत की कार्रवाई की धुरी बन सकता है। साथ ही यहां से मलक्का जलडमरूमध्य की ओर जाने वाले जल मार्गों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है।

अंडमान- निकोबार में पांच दिनों तक चलने वाले इस अभ्यास में देश की ट्राइ सर्विस कमांड हिस्सा ले रही है। इस अभ्यास में स्पेशल फोर्सेज, नौसेनिक जहाज और हैवी-लिफ्ट ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भाग ले रहे हैं। इसका मकसद इलाके में आर्मी, एयरफोर्स और नेवी के बीच तालमेल को बढ़ाना और ऑपरेशन क्षमता को तराशना।

ट्राई सर्विस अंडमान और निकोबार कमांड एकीकृत रक्षा बल के तहत काम करती है, जो तीनों सेनाध्यक्षों की समिति के प्रमुख को रिपोर्ट करता है। इसके पास आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के सभी संसाधन और बल मौजूद हैं। इस अभ्यास के दौरान मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस ने कहा कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की सुरक्षा के लिए जरूरी कार्रवाई और प्रक्रियाओं को सही तरीके से समझना और उसे लागू करना।

इस अभ्यास का एक प्रमुख कारण यह भी है कि लगातार चीन के प्रभाव को रोकना। पिछले कुछ सालों में भारत की सीमा पर पड़ोसी मुल्क चीन की गतिविधियां बढ़ी है। चीन ना सिर्फ भारत की जमीन पर कब्जा कर घेरने में लगा है, बल्कि भारत और उसके आस पास क्षेत्रों नवल बेस के आधार अपनी ताकत को बढ़ान में लगा है।