तिब्बत सीमा पर चीन की फाइटर प्लेन तैनात

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प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली: डोकलाम मामले पर चीन को मिली हार को वह पचा नहीं पा रहा है। जिस वजह से उसने सीमा पर फिर एक बार गतिविधियां तेज कर दी है। पहले खबर प्रकाश में आई थी कि चीन ने सीमा पर जासूसी के लिए मानवरहित हेलिकॉप्टर और ड्रोन तैनात करने की तैयारी कर रहा है।

खुफिया रिपोर्ट के अनुसार चीन LAC के नज़दीक तिब्बत में भारी संख्या में अपने एयरफोर्स को तैनात कर रहा है। डोकलाम विवाद के बाद इस वर्ष फरवरी महीने में चीन के एयरफोर्स की यह सबसे बड़ी तैनाती है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

चीन भारत से सटे तिब्बत में कई जगहों पर फाइटर एयरक्राफ्ट तैनात कर चुका है। चीनी एयरफोर्स ने तिब्बत के होपिंग में 13 की संख्या में MI-17 हेलीकॉप्टर की तैनात रखा है। इसके अलावा चीन ने तिब्बत के गंगा, काशी, हटान, सुले हेलिबेस और डिंगजिंग में भी हेलीकॉप्टर और फाइटर प्लेन की संख्या बढ़ा दी ही।

चीनी एयरफोर्स ने गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष हेलीकॉप्टर और फाइटर प्लेन की संख्या LAC के नज़दीक काफी ज्यादा कर बड़ा दी है। ख़ुफ़िया सूत्रों की माने तो चीन अक्साई चीन में लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल से 10 Km की दूर तक सेटेलाइट की जरिये नज़र रख रहा है। बाईडु नेविगेशन सेटेलाइट सिस्टम के जरिए चीन सीमा पर कड़ी नजर रखे हुए है। यह इलाका लद्दाख के ब्रुट्से के काफी नजदीक है।

पहले खबर प्रकाश में आई थी कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) अपनी आगामी सैन्य कार्रवाई में मानवरहित हेलिकॉप्टर इस्तेमाल करने की कोशिश में जुटा है। डोकलाम पर गतिरोध के बाद से PLA उत्तर डोकलाम में अपनी मौजूदगी को मजबूत कर रहा है। इसके साथ वह मानवरहित ड्रोन का भी तेजी से परीक्षण कर रहा है।

चीनी सेना के इस कदम से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। हालिया खुफिया रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि चीन अपने मानवरहित ड्रोन में फास्ट ट्रैक प्रोग्राम का इस्तेमाल कर रहा है।