चिराग पासवान ने पिता के दसकर्म पर लिया ये संकल्प

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file photo

पटनाः आज दिवंगत केन्द्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख रामविलास पासवान का दसकर्म है। इस मौके पर उनके बेटे चिराग पासवान ने एक संकल्प लिया है। बाल मुंडवाते हुए चिराग पासवान ने संकल्प लिया वो इस बार राज्य में नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं बनने देंगे।

चिराग ने कहा कि गठबंधन से अलग होने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट के साथ मुख्यमंत्री नही थें और उन्होने सात निश्चय पार्ट टू की घोषणा की फिर कोई विकल्प नहीं था मेरे पास। मुझे बीजेपी से समर्थन की अपेक्षा नहीं है। मुझे दुख होता है की केबिनेट में पापा के सहयोगी अब उनकी पार्टी को वोटकटवा कह रहे हैं।

मगर मैं उनके खिलाफ अपशब्द नहीं कह सकता, मेरी आस्था पर रोक नहीं लगा सकते, प्रधानमंत्री मेरे दिल में बसते हैं। उस बुरे समय में वो मेरे साथ थे। मुख्यमंत्री तो नहीं थे ना, पिता के देहांत के बाद तीन बार मिले एक बार आंख तक नहीं मिलाई, अगर उन्होने मुझे सांत्वना तक दी होती तो मुझे बोलने में संकोच होता मगर अब तो मुझे उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनने से रोकना है।

वो बड़े हैं, मैं उनका सम्मान करता हूं,अगर मिलेंगे तो पांव छू कर प्रणाम करूंगा, मगर उन्हें मुख्यमंत्री बनने से रोकने का हर प्रयास करूंगा। चिराग पासवान ने कहा कि मेरे पिता का आखिरी सपना था कि पार्टी अकेले चुनाव लड़े,वो सच कर रहा हूं। सारी रणनीति उन्होने बनाई, पापा ने अस्पताल जाने के पहले बीजेपी के कई नेताओं को बताई थी अपने दिल की बात। सीटों पर हमलोगों की चर्चा बीजेपी से नही हुई थी।

बता दें इससे पहले भी चिराग पासवान ने कहा था नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री रहते विकास होना या बिहार का विकसित होना संभव नहीं है। प्रदेश की जनता ने उन्हें 15 साल दिए। डेढ़ दशक के बाद भी अगर आज भी हमें नली-गली पर ही बात करनी है, या आज भी अगर हमें इन्‍हीं बातों पर गौर करना कि भैया मेरे घर के आगे चापाकल गड़ गया, मेरे घर के सामने एक सड़क बन गई, तो मुझे लगता है कि हमारे मुख्यमंत्री जी को विकास के मापदंड जानने की जरूरत है कि दुनिया कहां पहुंच गई है।

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