भारत की अर्थव्यवस्था पर चीन की नजर

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File Photo

नई दिल्ली: लद्दाख के एलसी सीमा पर भारत और चीन के बीच विवाद जारी है। इन सबके बीच एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं कि चीन खुफिया तरीके से भारत की जासूसी कर रहा है। इन सबके बीच एक और खुलासा हुआ है कि चीन की नजर अब भारत की अर्थव्यवस्था पर टिकी हुई है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चीन भारत के पेमेंट एप, सप्लाई चेन, डिलीवरी एप्स और इन एप्स के सीईओ-सीएफओ समेत तकरीबन 1400 व्यक्तियों और संस्थाओं की जासूसी कर रहा है। बताया जा रहा है कि चीन की पैनी नज़र भारतीय रेलवे के साथ इंटर्नशिप करने वाले एक इंजीनियरिंग छात्र से लेकर पूरे स्पेक्ट्रम को कवर करने वाली कम से कम 1400 संस्थाओं पर है और तो और चीन देश के स्टार्टअप्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और भारत में स्थित विदेशी निवेशक और उनके संस्थापक और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारियों की भी निगरानी कर रहा है।

चीन इन बड़ी कंपनियों संस्थापकों, CEO, CFO, CTO और COO की जासूसी कर रहा है- टीके कुरियन- प्रेमजी इन्वेस्ट में मुख्य निवेश अधिकारी, अनीश शाह- ग्रुप सीएफओ, महिंद्रा ग्रुप, पीके एक्स थॉमस- सीटीओ, रिलायंस ब्रांड्स, ब्रायन बाडे- मुख्य कार्यकारी, रिलायंस रिटेल, विनीत सेखसरिया- कंट्री हेड, मॉर्गन स्टेनली, फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक बिन्नी बंसल, ज़ोमैटो के संस्थापक और सीईओ दीपिंदर गोयल, स्विगी के सह-संस्थापक और सीईओ नंदन रेड्डी, न्याका के सह-संस्थापक और सीईओ फाल्गुनी नायर, उबर इंडिया के प्रमुख चालक संचालन पावन वैश्य, PayU के चीफ नमित पोटनीस।

इससे पहले बीते सोमवार को ही ये बात सामने आयी थी कि चीन भारत में बड़े संवेधानिक पदों पर बैठे राजनेताओं और सामरिक पदों पर बैठे अधिकारियों की जासूसी कर रहा है। खुलासा हुआ है कि चीन पीएम नरेंद्र मोदी समेत पांच पीएम, पूर्व और वर्तमान के 40 मुख्यमंत्रियों, 350 सांसद, कानून निर्माता, विधायक, मेयर, सरपंच और सेना से जुड़े समेत करीब 1350 लोगों की जासूसी कर रहा है। वहीं चीन के एक सरकारी अखबार ने ये दावा किया था कि चीन भारत को अपना दुश्मन नहीं मानता है औऱ ना ही वो भारत के साथ विवाद बढ़ाना चाहता है।

चीन बहुत ही शातिर देश है उसके देश की मीडिया कुछ और ही दावा करती है और उसके इरादे कुछ औऱ ही होते हैं। सीमा विवाद के साथ-साथ वो डिजिटल तरीके से भी खुफिया जासूसी में लगा हुआ है। लेकिन भारत भी कुछ कम नहीं है और वो चीन को मुंह तोड़ जवाब देगा। सूत्रों ने ये भी कहा इस जासूसी कांड के खुलासे से 200 चीनी कंपनियों पर बैन लगाने और चीन को 4G, 5G की नीलामी से दूर रखने का फैसला अब सही साबित हुआ है।

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