भाजपा को नहीं मिली शहीद तर्पण कार्यक्रम की इजाजत

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कोलकाताः एक बार फिर से राज्य की सत्ताधारी तृणमूल और भाजपा आमने सामने हैं। इस बार शहीद तर्पण कार्यक्रम को लेकर दोनों पार्टियां आमने-सामने हैं। दरअसल भाजपा के शहीद तर्पण कार्यक्रम को कोलकाता पुलिस ने इजाजत नहीं दी है। महालया के मौके पर बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय और अन्य नेताओं के नेतृत्व में यह कार्यक्रम होने वाला था।

बता दें कि शहीद तर्पण कार्यक्रम का आयोजन पिछले एक साल के दौरान राजनीतिक हिंसा में मारे गए बीजेपी कार्यकर्ताओं की याद में किया जा रहा है। पिछले साल भी बीजेपी ने ऐसे कार्यक्रम का आयोजन किया था। हालांकि इस साल कोरोना को देखते हुए कोलकाता पुलिस ने इजाजत देने से इनकार कर दिया है। बागबाजार घाट पर पुलिस फोर्स तैनात है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्यक्रम के लिए बागबाजार घाट पर बने मंच को पुलिस ने खुलवा दिया है। घाट पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। भाजपा का दावा है कि राजनीतिक उदेश्य से यह किया गया है। बहानेबाजी कर कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई।

राज्य में लगातार राजनीति हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। दो दिन पहले ही हुगली में भाजपा के एक कार्यकर्ता की डेड बॉडी पेड़ से लटकी मिली थी। हुगली के गोघाट स्टेशन के नजदीक गणेश रॉय नाम के एक व्यक्ति की बॉडी पेड़ से लटकी मिली। पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष दिलीष घोष ने कहा है कि मृतक बीजेपी कार्यकर्ता था और उसकी हत्या सत्ताधारी टीएमसी के लोगों ने की है।

प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा था आज हमारे मंडल सचिव गणेश रॉय की हत्या कर दी गई और उनके शव को पेड़ से लटका दिया गया, ऐसा हर रोज हो रहा है, सीपीएम अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों की हत्याकर उन्हें गाड़ दिया करती थी, टीएमसी उन्हें लटका देती है, सिर्फ तकनीक बदली है, नीतियां वही हैं।

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