बीजापुरः नक्सलियों के चंगुल से मुक्त हुए सीआरपीएफ जवान राकेश्वर सिंह

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फोटोः राकेश्वर सिंह

रायपुर: बीते तीन अप्रैल को छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों और जवानों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ के दौरान अगवा किये गये सीएआरपीएफ जवान राकेश्वर सिंह को आज नक्सलियो ने रिहाई दे दी है। फिलहाल जवान राकेश्वर सिंह सीआरपीएफ कैंप में हैं।

वो इस वक्त डॉक्टरों की निगरानी में हैं। बताया जा रहा है कि राकेश्वर सिंह जंगलों के रास्ते से वापस लौटे हैं। राकेश्वर सिंह की रिहाई पर उनके परिवार के साथ देश की जनता ने भी खुशी जताई है। राकेश्वर सिंह की रिहाई पर उनकी पत्नी ने केन्द्र सरकार को धन्यवाद दिया है।

उन्होंने मीडिया के समक्ष कहा कि मैं उन लोगों को धन्यवाद दे रही हूं जिन्होंने मेरे पति को सकुशल रिहाई सुनिश्चित कराया है। उनका यह यादगार वक्त़ मैं जिंदगी में कभी नहीं भुलूंगी। सीआरपीएफ के जवान राकेश्वर सिंह की पत्नी ने आगे कहा- सबसे मुश्किल भरा दिन हमारे परिवार के लिये रविवार को रहा।

मुझे और मेरे परिवार को बिल्कुल भी नहीं पता था कि मेरे पति किस हाल में हैं, वो जिंदा हैं भी या नहीं। जब अन्य जवानों के शव मिले तो मुझे लगा कहीं मेरे पति का भी शव इसमें तो नहीं है। इसलिये रविवार का दिन मेरे लिये बहुत मुश्किलों भरा है। इस दौरान मेरे परिवार ने मेरा बहुत सहयोग किया।

राकेश्वर सिंह की बेटी ने कहा कि मैं चाहती हूं कि मेरे पापा बस जल्दी से घर वापस लौट आयें। गौरतलब है कि बीते तीन अप्रैल को छत्तीसगढ़ के सुकमा-बीजापुर बॉर्डर पर अब तक का सबसे बड़ा हमला हुआ। भारतीय सुरक्षाबलों औऱ नक्सलियों के बीच जमकर मुठभेड़ हुई थी।

इस मुठभेड़ में भारतीय सुरक्षाबलों के 22 जवान शहीद हो गये जबकि 32 जवान घायल हो गये थे। नक्सलियों ने दो दर्जन से अधिक सुरक्षाकर्मियों के हथियार भी लूट लिये थे। 32 जवान घायल हो गये थे। इस नक्सल विरोधी अभियान में बीजापुर जिले के तर्रेम, उसूर, सुकमा जिले के मिनपा और नरसापुरम से लगभग दो हजार जवान शामिल थे।

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