बंगाल विधानसभाः चुनाव आयोग ने केंद्रीय बलों की 800 कंपनियों की मांग की

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कोलकाताः विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। आने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए चुनाव आयोग ने कमर कस ली है। आयोग चुनाव में किसी प्रकार की हिंसा नहीं चाहता है। इसलिए आयोग के अधिकारी पहले ही केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ उच्च स्तरीय बैठक की है।

पता चला है कि चुनाव आयोग ने राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए केंद्रीय बलों की 800 कंपनियों की मांग की है। बता दें कि पश्चिम बंगाल के अलावा और चार राज्यों में चुनाव हो रहा है। पांच राज्यों में से सबसे अधिक तनाम बंगाल में फैलने की आशंका है, नतीजतन आयोग ने राज्य में निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए पहले से ही कड़ी मेहनत करनी शुरू कर दी है।

बंगाल में चुनावी हिंसा का इतिहास काफी पुराना है। चुनाव होने से राज्य में बार-बार खून खराबा हुआ है। गौरतलब हो कि 2019 लोकसभा चुनाव में बंगाल में केंद्रीय बलों की कुल 741 कंपनियां तैनात की गईं थीं। इस बार स्थिति और भी जटिल मानी जा रही है, इसलिए आयोग ने 51 और कंपनियों के लिए गृह मंत्रालय से मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बंगाल में सात चरणों में चुनाव कराया जा सकता है।

इससे पहले ही अर्धसैनिक बल राज्य में आ जाएंगे। बता दें कि मंगलवार शाम को उप चुनाव आयुक्त सुदीप जैन बंगाल दौरे पर पहुंचे हैं। बता दें कि कुछ दिन पहले ही सुदीप जैन बंगाल दौरे पर आए थे। ऐसे में एक बार फिर से यह उनका दौरा है। अब सिर्फ लोग ये जानना चाहते हैं कि आखिर राज्य में चुनाव कब और किस महीने में होगा। राज्य चुनाव आयोग सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

सुदीप जैन बुधवार को राज्य के विभिन्न जिला अधिकारियों, पुलिस आयुक्तों और राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था को लेकर बैठक करने वाले हैं। पहले वह दक्षिण बंगाल जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत कई शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। वर्चुअली इसी बैठक में उत्तर बंगाल जिला अधिकारी और पुलिस आयुक्त भी उपस्थित रहेंगे।

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