बंगाल विधानसभा चुनावः ब्रिगेड मैदान में वाम-कांग्रेस और ISF ने भरी हुंकार

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फाइल फोटो

कोलकाताः  विधानसभा चुनाव 2021 के तारीखों के ऐलान के बाद रविवार को राज्य में पहली ब्रिगेड सभा हुई। 2021 विधानसभा चुनाव की यह पहली सभा वाम-कांग्रेस और पीरजाता अब्बास सिद्दीकी की पार्टी डियन सेक्युलर फ्रंट (आइएसएफ) की ओर से की गई। इस ब्रिगेड सभा में लाखों की संख्या में तीनों पार्टियों के समर्थक जुटे।

कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड मैदान से वाम-कांग्रेस और आइएसएफ नेताओं ने हुंकार भरी और 2021 में बंगाल की सत्ता में आने का दावा किया। वाम-कांग्रेस और आइएसएफ नेताओं ने जमकर पीएम मोदी और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ हुंकार भरी। वहीं संयुक्त मोर्चा के बैनर तले एकजुट होकर मुकाबला करने का आह्वान किया।

वाममोर्चा के अध्यक्ष विमान बसु ने कोलकाता के ब्रिगेड मैदान से हुंकार भरते हुए कहा कि इस बार बंगाल से ममता बनर्जी और फिर देश से मोदी सरकार को उखाड़ फेकेंगे। वहीं सभा को संबोधित करते हुए माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद सलीम ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने बीते 10 सालों में पश्चिम बंगाल में रोजगार सृजन के लिए कुछ भी नहीं किया और न ही भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र ने पिछले सात सालों में राज्य में कोई निवेश लाया।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस रैली में हिस्सा लिया। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी सुभाषचंद्र बोस की जयंती मनाने पश्चिम बंगाल आते हैं, लेकिन उन्हें जाकर पहले इतिहास पढ़ना चाहिए। भूपेश बघेल ने आगे कहा कि ये लोग सावरकर को मानने वाले है, बोस का उत्तराधिकारी नहीं बन सकते हैं।

जबकि रैली के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि अब दीदी की सत्ता बंगाल में खत्म होने वाली है। उन्हें वक्त रहते ही समझ जाना चाहिये। तृणमूल कांग्रेस बीजेपी की ही बी टीम है। हमें बंगाल के लोगों को तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी से बचाना है।

आपको बता दें कि कांग्रेस, लेफ्ट, इंडियन सेक्युलर फ्रंट ने इस बार साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। ऐसा माना जा रहा है कि ये तीनों पार्टी एक साथ मिलकर कुछ नया कर सकती हैं। इस गठबंधन से शायद अब्बास सिद्दीकी की पार्टी इंडियन सेक्युलर फ्रंट के साथ गठबंधन के बाद उन्हें सीटों पर कुछ बढ़त मिल सकती है।

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