बैकों ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को ही लगा दिया चूना

0
1994

लखनऊः साल 2016 में बीजेपी सरकार के नेतृत्व में देश में नोटबंदी की गई थी। नोटबंदी के बाद अलग-अलग बैंकों ने रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के साथ धोखेबाजी की। नवंबर साल 2016 में नोटबंदी के बाद सभी प्रचालन से बाहर हो चुके 500 और 1000 के नोट को बैंकों में जमा कराया गया था। जिसके बाद इन पुराने करेंसी को सभी बैंकों ने आरबीआई में जमा करवाया था।

उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ की आरबीआई की करेंसी चेस्ट में अलग-अलग बैंकों ने करीब एक करोड़ के नकली नोट जमा करवाये हैं। सहायक प्रबंधक रंजना मरावी ने जानकारी दी है कि अक्टूबर साल 2017 से मार्च साल 2018 के बीच करेंसी चेस्ट में 15436 नोट नकली जमा हुए थे। जांच के दौरान 500 रुपये के 9753 और एक हजार रुपये के 5783 नोट जाली मिले।

बरामद हुए कुल नोट तकरीबन एक करोड़ 5 लाख रुपये के करीब हैं। बता दें इस मामले में सहायक प्रबंधक की तरफ से एफआईआर दर्ज कराई गई है। साथ ही लखनऊ पुलिस से नकली नोटों की फोरेंसिक जांच कराने के लिए भी कहा गया है। पुलिस इंस्पेक्टर महानगर यशकांत सिंह ने मीडिया को जानकारी दी है कि रंजना मरावी की शिकायत पर भारतीय मुद्रा का प्रतिरुपण करने की धारा में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।

बैंक के एक पूर्व अधिकारी ने बताया कि 500 के नोट का साइज 63 मिमी गुणा 150 मिमी है और यह स्टोन ग्रे कलर में होता है। स्वच्छ भारत अभियान का लोगो लगा हुआ है। थोड़ा मोड़ने पर इसमें लिखा नोट का मूल्य दिखाई देगा जबकि नकली नोट में ये मार्क नहीं दिखाई देगा। 2000 के नोट का बेस कलर मैजेंटा है और नोट के फ्रंट पर महात्मा गांधी और पीछे की तरफ मंगलयान की तस्वीर लगी है। 2000 के नोट को हल्का से मोड़ने पर थ्रेड का कलर हरे से बदलकर नीला हो जाता है। सिक्योरिटी थ्रेड पर भारत, आरबीआई और 2000 लिखा हुआ होता है।

विज्ञापन