बागबाजार अग्नीकांडः राहुल सिन्हा ने जज के नेतृत्व में जांच की मांग की

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File Photo

कोलकाताः महानगर के बागबाजार की बस्ती में बीते कल क्या जानबूझकर आग लगाई गई थी? विपक्ष अब इस अग्नीकांड को लेकर तमाम तरह के सवाल खड़े करने लगा है। भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के कार्यरत न्यायाधीश की अगुवाई में एक विशेषज्ञ कमेटी गठित करने की मांग की है। राहुल सिन्हा ने मांग की है कि बागबाजार अग्नीकांड से रहस्य का पर्दा उठाने के लिए न्यायाधीश के नेतृत्व में जांच की जाए।

राहुल सिन्हा ने दावा किया कि पहले भी इस प्रकार की घटना घट चुकी है। गरीबों के घरों में आग लगाकर उनके सामान नष्ट कर दिया जाता है। फिर गरीबों को स्थानांतरित कर वहां बहुमंजिला इमारत बनाई जाती है। राहुल सिन्हा ने चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी निवासी वहां से जाएगा नहीं। घर बनाकर उन्हें देना होगा। यदि सरकार नहीं करती है तो हम करके देंगे।

गौरतलब हो कि बीते कल बागबाजार की हजार हाथ बस्ती जलकर राख हो गई। करीब 150 झोपड़ियों के लगभग 700 लोग बेघर हो गए। आज सुबह घटनास्थल का जायजा लेने के लिए मंत्री शशि पांजा पहुंची। उसके बाद दोपहर साढ़े 12 बजे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहुंची। यहां मुख्यमंत्री ने घटना स्थल का जायजा लिया।

यहां उन्होंने स्थानीय लोगों से बात की। मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा देते हुए कहा कि चिंता करने की कोई बात नहीं है। सरकार खाने, कपड़े और रहने की व्यवस्था करेगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि आज और कल तक इलाके को साफ करने का काम किया जाएगा। मुख्यमत्री ने जल्द से जल्द लोगों के रहने की व्यवस्था करने का निगम को निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिंता करने की कोई बात नहीं है। सब कुछ पहले की तरह किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बेघर हुए लोगों को तुरंत पांच किलो करके चावल, दाल, आलू और बिस्कुट देने का निर्देश दिया है। पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के लिए कपड़े और कंबल भी प्रदान किए जाएंगे। यह जिम्मेदारी फिरहाद हकीम और शशि पांजा को दी गई है।

लेकिन बस्ती में आग आखिरकार लगी कैसे यह सवाल अभी भी कायम है। कल आग लगने के बाद बस्ती में रहने वाले लोगों ने दावा किया कि यह कोई दुर्घटना नहीं थी। उनकी बस्ती में योजना के अनुसार आग लगी दी गई है। स्थानीय मठ के एक सन्यासी पर लोगों ने उंगली उठाई है। दरअसल गुरुवार को घटना स्थल पर पहुंचे वार्ड कोऑर्डिनेटर बापी घोष को विरोध का सामना करना पड़ा। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने गुरुवार को मौके से नमूने एकत्र किए।

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