आर्मी चीफ एमएम नरवणे ने कहा, चीन-पाकिस्तान जुगलबंदी भारत के लिए खतरा

0
264
फाइल फोटो

नई दिल्लीः भारत और चीन दोनों देशों के बीच लद्दाख की पूर्वी सीमा एलएसी पर कई महीनों से विवाद जारी है। आर्मी चीफ एमएम नरवणे ने बताया कि भारतीय सेना न सिर्फ पूर्वी लद्दाख, बल्कि उत्तरी सीमा पर भी हाई अलर्ट मोड में है।

सेना एलएसी पर किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि चीनी सेना से हमारी कोर कमांडर स्तर की आठ दौरे की बातचीत हो चुकी है। हम नौवें दौर की वार्ता का इन्तजार कर रहे हैं।

इसके साथ ही आर्मी प्रमुख नरवणे ने बताया कि, चीन और पाकिस्तान की जुगलबंदी भारत के लिए एक बड़ा खतरा है। इनकी दुरभिसंधि से टकराव की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। पाकिस्तान और चीन मिलकर भारत के लिए एक बड़ा खतरा पैदा कर सकता हैं। ऐसे में टकराव की आशंका को दरकिनार नहीं किया जा सकता।

यही वजह है कि हमारी उत्तरी सीमा पर और लद्दाख में उच्च स्तर की तैयारी है। किसी भी चुनौती से निपटने के लिये भारतीय जांबाज तैयार हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लगातार आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, वह लगातार आतंकवाद का इस्तेमाल राजकीय नीति के औजार के रूप में करता आ रहा है।

भारतीय सेना आतंकवाद को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। हम सीमापार आतंकवाद का मुफीद वक्त पर जवाब देने का अधिकार रखते हैं और हमारा बहुत स्पष्ट रुख है कि हम आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि एक व्यापक रोडमैप तैयार किया गया है जिसके जरिए भविष्य में चुनौतियों का सामना करने के लिए सेना को प्रौद्योगिकी सक्षम बनाया जायेगा।

जनरल नरवणे ने आगे कहा, चीन के मूवमेंट को हम लगातार मोनिटरिंग कर रहे थे, लेकिन उन्हें फर्स्ट मूवर एडवांटेज था। पहले आने वाले को यह फायदा हमेशा होता है। स्वास्थ्य ज़रूरतों के मद्देनज़र स्थानीय कमांडरों को भी ज़रूरी अधिकार दिए गए हैं, ताकि स्थानीय स्तर पर ज़रूरी फैसले ले सकें और हम अपनी सैन्य तैयारियों को चुस्त और मुस्तैद रख सकें।

विज्ञापन