नये कृषि कानूनों के समर्थन में अमेरिका, कही ये बात..

0
1291
फाइल फोटो

नई दिल्ली: बीते दो महीने से नये कृषि कानूनों को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमा पर देश के किसानों का आंदोलन जारी है। विपक्षी राजनीतिक पार्टियां भी इन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों को भरपूर समर्थन कर रही हैं। लेकिन नये कृषि कानूनों पर मोदी सरकार को अब अमेरिका का समर्थन मिल रहा है।

दरअसल अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने मोदी सरकार द्वारा बनाये गये कृषि कानूनों का समर्थन करते हुए कहा है कि किसी भी देश में शांतिपूर्ण विरोध को लोकतंत्र की पहचान माना जाता है। ऐसे में कानूनों को लेकर हुए मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए।

अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता की तरफ से कहा गया कि जो बाइडन सरकार कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए भारत सरकार ने जो कदम उठाया है उसका समर्थन करती है। इसके आगे उन्होंने कहा कि यह किसानों के लिए निजी निवेश और अधिक बाजार पहुंच को आकर्षित भी करती है। इतना ही इसके आगे कहा कि साफ तौर पर कहा गया है कि अमेरिका भारत सरकार के ऐसे फैसलों का स्वागत करता है, जो भारतीय बाजारों की दक्षता में सुधार करेंगे और निजी क्षेत्र के निवेश को आकर्षित करेंगे।

इसके आगे अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हमारा मानना है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किसी भी संपन्न लोकतंत्र की पहचान है और भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने भी यही बात कही है। प्रवक्ता ने आगे कहा कि अमेरिका, भारत के अंदर बातचीत के जरिये पार्टियों के बीच किसी भी मतभेद को हल किए जाने के पक्ष में है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने ये भी कहा है कि भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने भी शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों का समर्थन किया है। सूचना के जरिए और इंटरनेट एक्सेस होना अभिव्यक्ति की आजादी है, जोकि लोकतंत्र के परिचायक होते हैं। गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के संबंध पहले से ही काफी अच्छे रहे हैं। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन भी पीएम नरेन्द्र मोदी के साथ दोस्ताना संबंध बनाये रखने में ही समझदारी समझते हैं।

विज्ञापन