नैहाटी धमाकाः घटना स्थल पर बना 10 फुट गहरा गढ्ढा, राज्यपाल ने शांति के लिए बताया बड़ा खतरा

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कोलकाताः फैक्ट्री से बरामद पटाखों को निष्क्रिय करने के दौरान नैहाटी के रामघाट में बीते कल भीषण धमाका हुआ था। जांच में पता चला है कि धमाका इतना भीषण था कि घटना स्थल पर 10 फुट गहरा गढ्ढा बन गया है। वहीं घटना के दौरान कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए।

धमाका इतना भीषण था कि मकानों के दरवाजे, खिड़कियां, छत, कई आवासों के कांच और लकड़ी के फर्नीचर तक उखड़ गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना स्थल से नमूने एकत्र करने के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम जायेगी। वहीं नैहाटी नगर पालिका के चेयरमैन ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश के बाद घटना स्थल का दौरा किया। बताया जा रहा है कि स्थानीय लोगों ने अपने बच्चों को रिश्तेदारों के घर भेज दिया है।

धमाके के कारण हुगली जिले के चुचुड़ा में भी कई मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा कि सरकार मुआवजा की बात कर रही हैं। लेकिन जो दहशत का सामना स्थानीय लोगों को करना पड़ा उसकी भरपाई कौन करेगा।

उधर राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने इस घटना को शांति के लिए बड़ा खतरा बताया। धनखड़ ने 3 जनवरी को पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट का भी जिक्र किया जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी और कई व्यक्ति घायल हो गए थे।

प्रशासनिक कमियों का कारण क्या था? इसकी गहन जांच होनी चाहिए। हमें इसकी तह तक जाना होगा और यह पता लगाना होगा कि बिना लाइसेंस के कारखानों को चलाने से किसने मुनाफा कमाया है। धनखड़ ने कहा कि समाज में शांति तभी लौट सकती है जब घटना से जुड़े लोगों का नाम सामने आए।

उल्लेखनीय है कि भाजपा ने पहले ही घटनाओं की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से कराने की मांग की थी। भाजपा नेता मुकुल रॉय ने कहा कि घटना की जांच एनआईए द्वारा ही होनी चाहिए। इस बात की जांच होनी चाहिए कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक कहां से लाए गए। वे कहां संग्रहीत किए गए थे, और वे कैसे फट गए।

कोलकाता से लगभग 50 किलोमीटर दूर नैहाटी में हुई घटना ने गुरुवार को हिंसा भड़का दी। गुस्साए स्थानीय लोगों ने पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया। स्थानीय लोगों ने यातायात को बाधित करते हुए एक सड़क जाम कर दिया।

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