इलाहबाद HC ने आरुषि के मर्डर में माता-पिता को बरी किया

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इलाहबाद: देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री यानी आरुषि हत्या कांड में इलाहबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुना दिया है. हाई कोर्ट ने माता-पिता को बरी कर दिया है.

आरुषि के माता पिता राजेश तलवार और नुपुर तलवार ने सीबीआई से मिली उम्रकैद के खिलाफ इलाहबाद हाईकोर्ट में अपील दायर की थी. न्यायमूर्ति बीके नारायण और न्यायमूर्ति एके मिश्रा की खंडपीठ ने फैसला सुनाया.

सीबीआई की विशेष अदालत ने राजेश-नुपुर तलवार दंपत्ति को अपनी बेटी आरुषि और घरेलू नौकर हेमराज के कत्ल का दोषी पाया था और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी. खंडपीठ ने तलवार दंपति की अपील पर सात सितंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और फैसला सुनाने की तारीख 12 अक्टूबर तय की थी.

जानकारी के मुताबिक गाजियाबाद की डासना जेल में बंद तलवार दंपत्ति रात भर नहीं सोए. सुबह का नाश्ता भी नहीं किया. राजेश तलवार और नुपुर तलवार जेल स्टाफ से बार बार फैसले का अपडेट जानने को लेकर आग्रह करते रहे.
पूरे देश को हिलाकर रख देने वाले इस केस की कहानी 2008 में शुरू हुई थी. 16 मई 2008 को नोएडा के जलवायु विहार इलाके में 14 साल की आरुषि का शव बरामद हुआ. अगले ही दिन पड़ोसी की छत से नौकर हेमराज का भी शव मिला.

केस में पुलिस ने आरुषि के पिता राजेश तलवार को गिरफ़्तार किया. 29 मई 2008 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी. सीबीआई की जांच के दौरान तलवार दंपति पर हत्या के केस दर्ज हुए.
मर्डर केस में सभी पक्षों की सुनवाई के बाद सीबीआई कोर्ट ने 26 नवंबर 2013 को नुपुर और राजेश तलवार को उम्रकैद की सजा सुनाई. सीबीआई के फैसले के खिलाफ़ आरुषि की हत्या के दोषी माता-पिता हाई कोर्ट गए और अपील दायर की. राजेश और नुपुर फिलहाल गाजियाबाद की डासना जेल में सजा काट रहे हैं.