रोहिंग्या मुसलमानों को आतंकी नहीं मानतीं ममता, ओवैसी ने भी उठाए सवाल

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कोलकाता: भारत में मौजूद रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों को जहां केंद्र सरकार आतंकवादी मानकर सुरक्षा के लिए खतरा बता रही है. वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का इस मसले पर रुख इससे अलग है. ममता बनर्जी का मानना है कि रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थी आतंकवादी नहीं हैं.

ममता बनर्जी ने सोमवार को बताया कि रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर उनके पास केंद्र सरकार के निर्देश आए हैं. ममता के मुताबिक, केंद्र ने राज्य सरकार से रोहिंग्या शरणार्थियों का डाटा मांगा है.

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ममता बनर्जी ने ये भी कहा, ‘केंद्र ने हमें बताया है कि रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों के बीच आतंकवादी मौजूद हैं, मगर मुझे ऐसा नहीं लगता’. ममता ने आगे कहा, ‘ऐसे एक या दो आतंकी उनके बीच हो सकते हैं, लेकिन हमें पूरे समुदाय को बदनाम नहीं करना चाहिए’.

‘आतंकवाद से समझौता नहीं’
तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता ने ये भी कहा कि आतंकी गतिविधि से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘अगर कोई आतंकी है, तो उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा, मगर कोई आम व्यक्ति इसका शिकार न हो’.

AIMIM अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने रोहिंग्या मुसलमानों का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि अभी तक कोई भी रोहिंग्या किसी आतंकी संगठन से संबंध के आरोप में गिरफ़्तार नहीं हुआ है.
ओवैसी ने इसे बीजेपी का पुराना प्रोपेगेंडा बताते हुए रोहिंग्या शरणार्थियों की मॉनिटरिंग करने की बात की. ओवैसी ने

कहा, ‘केंद्र सरकार के हलफनामे में कहा गया कि ये बुद्ध पर हमला करेंगे, मगर आज तक तो हुआ नहीं आगे भी नहीं होगा. इन लोगों के तन पर कपड़ा नहीं है, खाने को नहीं है, ये क्या ऐसा करेंगे?

ओवैसी ने कहा, ‘सरकार ने एक हलफनामे में हिंदू, सिख, पारसी और बुद्धिस्ट के पड़ोसी देश से आने पर सहूलियतें देने का निर्णय किया है, मगर मुसलमानों को इसमें शामिल नहीं किया गया है’.

केंद्र का हलफनामा
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को 16 पन्ने का हलफनामा दायर किया. इस हलफनामे में केंद्र ने कहा कि कुछ रोहिंग्या शरणार्थियों के पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों से संपर्क हैं. ऐसे में ये देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं और इन अवैध शरणार्थियों को भारत से जाना ही होगा.